ग्रेच्युटी कैलकुलेटर
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट (15/26 नियम) के तहत या एक्ट से बाहर के कर्मचारियों (15/30) के लिए ग्रेच्युटी निकालें — पात्रता, ₹20 लाख की सीमा और टैक्स-फ्री व टैक्सेबल हिस्से के साथ।
देय ग्रेच्युटी
English version: Gratuity Calculator
ग्रेच्युटी क्या है और यह ग्रेच्युटी कैलकुलेटर कैसे काम करता है?
ग्रेच्युटी वह एकमुश्त राशि है जो एम्प्लॉयर किसी कर्मचारी को लंबी सेवा के इनाम के रूप में देता है — जब कर्मचारी कम से कम पांच साल की लगातार सेवा के बाद नौकरी छोड़ता है, रिटायर होता है, या उसकी मृत्यु या विकलांगता हो जाती है। भारत में यह पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत आती है, जो फैक्ट्रियों, खदानों, बागानों, बंदरगाहों, रेलवे कंपनियों और 10 या ज़्यादा कर्मचारियों वाली दुकानों व संस्थानों पर लागू होता है। यह कैलकुलेटर कानूनी फॉर्मूला, सेवा की राउंडिंग, पांच साल का नियम और ₹20 लाख की सीमा लगाकर FY 2025-26 के लिए धारा 10(10) के तहत टैक्स-फ्री और टैक्सेबल हिस्सा बताता है।
ग्रेच्युटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
- चुनें कि आपका एम्प्लॉयर एक्ट के दायरे में है या नहीं। 10 या ज़्यादा कर्मचारियों वाली ज़्यादातर कंपनियां दायरे में आती हैं।
- कर्मचारी का प्रकार चुनें — सरकारी कर्मचारियों को पूरी टैक्स छूट मिलती है, बाकी सबको सीमित छूट।
- मासिक Basic + DA डालें — दायरे में हों तो आखिरी मिली सैलरी का Basic + DA, नहीं तो पिछले 10 महीनों का औसत। HRA, बोनस, ओवरटाइम या दूसरे भत्ते न जोड़ें।
- अपनी सेवा डालें — पूरे वर्ष और अतिरिक्त महीने, और नौकरी छोड़ने का कारण।
- वैकल्पिक: असल में मिली राशि और पिछले एम्प्लॉयर से ली गई छूट डालें, ताकि सही टैक्सेबल राशि निकले।
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत फॉर्मूला
एक्ट के दायरे वाले कर्मचारियों के लिए: ग्रेच्युटी = आखिरी (Basic + DA) × 15 / 26 × सेवा के वर्ष।
- 15/26 = हर साल के लिए 15 दिन की सैलरी, जिसमें महीने को 26 कार्य दिवस माना जाता है।
- सेवा की राउंडिंग: धारा 4(2) हर पूरे वर्ष के साथ “छह महीने से ज़्यादा” के हिस्से को भी एक वर्ष गिनती है। यानी 10 साल 7 महीने = 11 साल, पर 10 साल 6 महीने = 10 साल।
- पात्रता: कम से कम 5 साल की लगातार सेवा, सिवाय मृत्यु या विकलांगता के, जहां यह शर्त लागू नहीं होती।
- अधिकतम सीमा: एक्ट के तहत देय ग्रेच्युटी की सीमा ₹20 लाख है (29 मार्च 2018 से लागू)। एम्प्लॉयर अपनी स्कीम या कॉन्ट्रैक्ट के तहत इससे ज़्यादा दे सकता है।
एक्ट से बाहर के कर्मचारियों के लिए: इनकम टैक्स एक्ट का फॉर्मूला 15 / 30 × पिछले 10 महीनों का औसत मासिक Basic + DA × पूरे किए गए वर्ष है (साल का बचा हिस्सा नहीं गिना जाता)। ग्रेच्युटी मिलेगी या नहीं, और कितनी, यह आपके एम्प्लॉयर की पॉलिसी पर निर्भर है।
हल किए गए उदाहरण
- दायरे में, 10 साल 7 महीने, Basic + DA ₹50,000: सेवा 11 साल गिनी जाएगी। ग्रेच्युटी = 50,000 × 15/26 × 11 = ₹3,17,308। पूरी राशि टैक्स-फ्री है क्योंकि यह फॉर्मूला राशि और ₹20 लाख दोनों से कम है।
- वही व्यक्ति, दायरे से बाहर: 50,000 × 15/30 × 10 = ₹2,50,000। सिर्फ पूरे वर्ष गिने जाते हैं।
- दायरे में, 30 साल, Basic + DA ₹2,50,000: फॉर्मूला ₹43,26,923 देता है, लेकिन एक्ट के तहत देय राशि ₹20,00,000 पर रुक जाती है, जो पूरी टैक्स-फ्री है अगर आपने पहले कोई ग्रेच्युटी छूट नहीं ली है।
- एम्प्लॉयर ज़्यादा दे: अगर वही 30 साल वाला कर्मचारी असल में ₹25,00,000 पाता है, तो ₹20,00,000 टैक्स-फ्री है और ₹5,00,000 टैक्सेबल है, जो सैलरी में जुड़ता है।
- दायरे में, 4 साल 8 महीने, इस्तीफा: पात्र नहीं, क्योंकि लगातार सेवा 5 साल से कम है। अगर कारण मृत्यु या विकलांगता है, तो ग्रेच्युटी मिलेगी और सेवा 5 साल गिनी जाएगी।
सैलरी के प्रतिशत के रूप में ग्रेच्युटी
15/26 फॉर्मूले में हर साल की सेवा पर एक महीने के Basic + DA का 15/26 हिस्सा, यानी 0.577 महीने की सैलरी बनती है। इसे उस साल के 12 महीनों में बांटें तो यह हर साल की सेवा के लिए 15 ÷ 26 ÷ 12 = सालाना Basic + DA का 4.81% होता है। इसीलिए कई कंपनियां CTC में ग्रेच्युटी को बेसिक सैलरी का लगभग 4.81% दिखाती हैं। एक्ट से बाहर वालों के लिए 15/30 फॉर्मूला 4.17% बनता है।
एक्ट के तहत सेवा के वर्षों के हिसाब से कुल ग्रेच्युटी (₹20 लाख की सीमा से पहले), ₹50,000 मासिक Basic + DA पर:
| सेवा के वर्ष | कितने महीनों का Basic + DA | एक साल के Basic + DA का % | ₹50,000 मासिक पर ग्रेच्युटी |
|---|---|---|---|
| 5 | 2.88 | 24.04% | ₹1,44,231 |
| 10 | 5.77 | 48.08% | ₹2,88,462 |
| 15 | 8.65 | 72.12% | ₹4,32,692 |
| 20 | 11.54 | 96.15% | ₹5,76,923 |
| 25 | 14.42 | 120.19% | ₹7,21,154 |
| 30 | 17.31 | 144.23% | ₹8,65,385 |
FY 2025-26 में ग्रेच्युटी पर टैक्स
सरकारी कर्मचारी (केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय) — ग्रेच्युटी धारा 10(10)(i) के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री है।
बाकी सभी — टैक्स-फ्री राशि इनमें से सबसे कम होती है: (a) असल में मिली ग्रेच्युटी, (b) फॉर्मूला राशि (दायरे में हों तो 15/26, नहीं तो 15/30) और (c) ₹20 लाख। धारा 10(10)(iii) के तहत ₹20 लाख पूरी ज़िंदगी की सीमा है, इसलिए पिछले एम्प्लॉयर से ली गई छूट इसे घटा देती है। छूट से ऊपर की राशि सैलरी की तरह आपके स्लैब रेट पर टैक्स होती है, चाहे आप कोई भी टैक्स रिजीम चुनें।
काम के टिप्स
- एम्प्लॉयर के पास अपना नॉमिनेशन (Form F) सही रखें, ताकि ज़रूरत पड़ने पर परिवार को ग्रेच्युटी जल्दी मिले।
- अगर आप 5 साल पूरे होने से ठीक पहले नौकरी बदलते हैं, तो उस नौकरी की पूरी ग्रेच्युटी छूट सकती है — अपनी तारीखें ध्यान से देखें।
- कम बेसिक वाले सैलरी स्ट्रक्चर में ग्रेच्युटी भी कम मिलती है।
सीमाएं और ज़रूरी बातें
यह कैलकुलेटर मासिक सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए है। मौसमी संस्थानों (हर सीज़न के लिए 7 दिन की सैलरी) और पीस-रेट वाले कामगारों (पिछले तीन महीनों का औसत) के नियम अलग हैं। कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 (नवंबर 2025 से लागू) 15 दिन वाला फॉर्मूला रखता है और फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को एक साल बाद पात्रता देता है; नए नियम और एम्प्लॉयर की पॉलिसी ज़रूर देखें। नतीजे अनुमान हैं, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
ग्रेच्युटी का फॉर्मूला क्या है?
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के दायरे वाले कर्मचारियों के लिए: ग्रेच्युटी = आखिरी मासिक Basic + DA x 15/26 x सेवा के वर्ष, जहां छह महीने से ज़्यादा का हिस्सा पूरा वर्ष गिना जाता है। दायरे से बाहर के कर्मचारियों के लिए टैक्स फॉर्मूला है: पिछले 10 महीनों का औसत मासिक Basic + DA x 15/30 x पूरे किए गए वर्ष।
₹50,000 Basic + DA पर 10 साल 7 महीने की सेवा में कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी?
सेवा 11 साल गिनी जाएगी क्योंकि 7 अतिरिक्त महीने छह महीने से ज़्यादा हैं। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत ग्रेच्युटी = 50,000 x 15/26 x 11 = ₹3,17,308।
क्या 5 साल से पहले ग्रेच्युटी मिलती है?
इस्तीफे या रिटायरमेंट पर नहीं, क्योंकि पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट में कम से कम 5 साल की लगातार सेवा ज़रूरी है। मृत्यु या विकलांगता पर 5 साल की शर्त लागू नहीं होती।
कितनी ग्रेच्युटी टैक्स-फ्री होती है?
सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी। बाकी के लिए टैक्स-फ्री राशि मिली ग्रेच्युटी, फॉर्मूला राशि और ₹20 लाख में से सबसे कम होती है, जहां ₹20 लाख धारा 10(10) के तहत पूरी ज़िंदगी की सीमा है। बाकी राशि सैलरी की तरह टैक्स होती है।
ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा कितनी है?
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत देय ग्रेच्युटी की सीमा ₹20 लाख है, और गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स छूट की सीमा भी ₹20 लाख है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2024 से उनके सर्विस नियमों में ₹25 लाख की अलग सीमा है।
क्या 4 साल 6 महीने को ग्रेच्युटी के लिए 5 साल माना जाता है?
नहीं। छह महीने से ज़्यादा के हिस्से को पूरा वर्ष गिनने का नियम राशि निकालने पर लागू होता है, जबकि इस्तीफे पर पात्रता के लिए 5 साल की लगातार सेवा चाहिए। ठीक छह अतिरिक्त महीने भी ऊपर राउंड नहीं होते, क्योंकि एक्ट में छह महीने से ज़्यादा की शर्त है।
ग्रेच्युटी सैलरी का कितना प्रतिशत होती है?
पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट में हर साल की सेवा पर एक महीने के Basic + DA का 15/26 हिस्सा मिलता है, जो हर साल के लिए सालाना Basic + DA का 4.81% है (15 भाग 26 भाग 12)। एक्ट से बाहर के कर्मचारियों के लिए टैक्स फॉर्मूला हर पूरे साल के लिए 4.17% बनता है।
मेरी CTC में ग्रेच्युटी बेसिक का 4.81% क्यों दिखती है?
एम्प्लॉयर हर साल की देनदारी (एक महीने के Basic + DA का 15/26) को 12 महीनों में बांटते हैं, जो बेसिक का 4.81% है। यह 5 साल बाद नौकरी छोड़ने पर मिलती है और अंतिम राशि आखिरी सैलरी पर बनती है।
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